Wednesday, 19 April 2017

आये थे जब वो जिंदगी में हर मौसम रंगीन था
इश्क़ करना उनसे शायद, मेरा जुर्म संगीन था
क़त्ल  किया उसने ऐसे की आह्ह भी ना कर सके
कुछ हम नशे में थे कुछ कातिल हसींन था 

Wednesday, 20 January 2016

लगता है दिल मर गया है जनाब का
हमारी खिदमत से
चलो चंद  गुजारे उनके साथ किस्मत से !!

Tuesday, 19 January 2016

अभी अभी शुरू किया है..... कुछ कम समझ आ रहा है 

आये थे जब वो जिंदगी में हर मौसम रंगीन था इश्क़ करना उनसे शायद, मेरा जुर्म संगीन था क़त्ल  किया उसने ऐसे की आह्ह भी ना कर सके कुछ हम नशे मे...